Wednesday, 15 January 2014

हिन्दी कविता 

दीपावली कर हर जगह 
​गणतंत्र दिवस 
​बाप 
​मै क्या बोलू बात 
​मै भारत हुँ 
​भारत जिवित हैं 
​जरुरत 
​कल  को मैंने देखा हैं 
​कविता लिखने का मन 
​काया -कल्प
​लड़ाई लड़नी होगी 
​मै कवि  ​हूँ 
​कोरा कागद 
​मेरी पत्नी 
​राजस्थानी गीत 
​रिश्वत 
​सत्य का दीपक फड़फड़ाता हैं 
​शब्द यात्रा 
​अथः वाद विवादाय नामः 
​मै यात्री हूँ 

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